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जालना जिल्हा

” उजड़ा और वीरान पहाड़ों को हरा भरा बनाने वन विभाग नाकाम”

घनसावंगी न्यूज हिंदी:-

घनसावंगी तहसील में बढ़ती वृक्ष कटाई पर्यावरण के के लिए सबसे बड़ा खतरा, 21 मार्च विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है मनुष्य के अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण की भूमिका महत्वपूर्ण है आज विश्व के सामने पर्यावरण संकट खड़ा है बढ़ता तापमान भूकंप सुनामी ओलावृष्टि अकाल यह सारे संकट पर्यावरण के क्षरण के कारण उपज रहे हैं घनसावंगी तहसील में भी आरक्षित वन क्षेत्र है बोलेगांव मैं वन विभाग का यह क्षेत्र है इसके अलावा तहसील में पहाड़ भी है ढाकेफल के समीप पहाड़ भी है परंतु वह वीरान और उजड़ चुका है वहां वन विभाग की ओर से जो पौधारोपण किया जाता है उसकी ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है अतः वे सुरक्षित नहीं हो पाते इसी कारण यह पहाड़ हुआ विरान नजर आता है इसके अलावा तहसील में चोरी-छिपे वृक्ष कटाई भी होती है जो पर्यावरण के रास के लिए जिम्मेदार है गोदावरी नदी का दूर तक फैला हुआ किनारा भी तहसील को प्राप्त है भौगोलिक दृष्टि से यह भूभाग वृक्षों से आच्छादित रहता है परंतु पिछले कुछ वर्षों से वहां भी वृक्ष कटाई हो रही है प्रकृति पर्यावरण के संरक्षण में मनुष्य का हित छिपा हुआ है तहसील में कभी-कभी अकाल जन्म स्थिति निर्माण हो जाती है नदी नहर तालाब पानी कुएं सूख जाते हैं दर-दर भटकना पड़ता है वृक्षों का संवर्धन संरक्षण किया गया ऐसी नौबत नहीं आएगी शासन प्रशासन वन विभाग तथा जनप्रतिनिधि सभी प्रकृति के क्षरण को रोके

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